बुधवार, 12 जून 2013

नमो नमो...

.
.
.




जहाँ देखिये... जिधर देखिये... जिस भी किस्म के मीडिया में देखिये... चल रहा है बस 'नमो नमो'...

लगता है कि यह सब अनायास ही नहीं हो रहा... सुनियोजित तरीके से यह काम किया कराया जा रहा है... 

आज अपने दो सवाल हैं...



कौन इसे करा रहा है ?
किसको इस सब से फायदा मिलेगा ?


तो दौड़ाईये दिमाग... :)





...

10 टिप्‍पणियां:

  1. दिमाग दौडाने का हमें क्या मिलेगा ?कोऊ नृप होय ?

    उत्तर देंहटाएं
  2. पैसे दे कर नमो नमो सोशल साईट पर करया जा रहा है जब वोट पड़ेंगे तो असलियत सामने होगी

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. नमो नमो तो ज्यादा मोदी विरोधी ही कर रहे हैं।और ये गुजरात दंगों के बाद से ही चल रहा है।कांग्रेस खुद खुलकर सामने आने की बजाए तीस्ता सीतलवाड और संजीव भट्ट जैसे झूठों के बल पर सेकुलरिज्म की लडाई लड रही थी जिन पर खुद मुसलमान ही भरोसा नहीं करते थे।लेकिन इतने विरोध के जवाब में ही मोदी के इतने समर्थक पैदा हो गए।यदि समर्थन पैसा देकर करवाया गया है तो क्या विरोध करने वालों को पैसा नहीं खिलाया गया होगा?दंगे आसाम में भी हुए राजस्थान में भी हुए पर वहाँ के मुख्यमंत्रियों पर तो कोई आरोप नहीं लगाया गया।

      हटाएं
    2. राजन जी,
      सटीक और दो टूक यथार्थ!!

      हटाएं
    3. जी हां पैसा तो दोनों तरफ के लोग ही दे और ले रहे है शुरुआत मोदी ने की , चुनावों के बाद दोनों को पता चल जाएगा की किसके पैसे डूब गए , और संभावना ये भी है की दोनों के ही पैसे डूब जाये और मजा कोई तीसरा ले :)))

      हटाएं
    4. इसमें तो केवल कयास लगाए जा सकते हैं कि पैसा दिया तो किसने दिया और शुरुआत किसने की ।हमें कोई खुद थोड़े ही आकर बताएगा।
      तीसरे के बीच में आकर फायदा उठाने वाली बात सही है लेकिन पैसा अगर डूबेगा तो जनता का ही डूबेगा।इन लोगों की जेब तो तब भी कुछ नहीं जाएगा।

      हटाएं
  3. अभी तो पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन के कारण हल्ला हो रहा है।मोदी ने खुद भी इंटरनेट का रुख किया है।

    उत्तर देंहटाएं
  4. i support modi a 100% at the present scenario. he is probably the ONLY major leader at the present time who is actually thinking about progress not votes...

    उत्तर देंहटाएं
  5. दिमाग होता तो दौड़ता भी
    जिसके पास दिमाग होगा
    दौड़ेगा वही
    जो हो रहा है अच्छा हो रहा है
    जो होगा अच्छा ही होगा
    बहुत कुछ है जो बदल रहा है
    कल मेरा पड़ोसी अन्ना हो रहा था
    आज हो रहा है मोदी
    मेरे आस पास कितने मोदी हैं
    गिन नहीं पाता हूँ फिर भी
    दिमाग नहीं होने के बाद भी
    दिमाग लगाने की भूल
    बार बार कर ही जाता हूँ 1

    उत्तर देंहटाएं

है कोई जवाब ?