शनिवार, 23 मार्च 2013

संजय दत्त की सजा के बाद सजा माफी की मांग अपनी तो समझ में नहीं आती...

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बीस साल बाद आखिरकार मु्ंबई बम धमाकों के मामले का आखिरी फैसला आया है सुप्रीम कोर्ट से... धमाकों के सिद्ध दोषियों द्वारा दी ए के-५६ रखने के इल्जाम में संजय दत्त को सुप्रीम कोर्ट ने ५ साल जेल की सजा सुनाई है...

सजा के तुरंत बाद से कई अलग अलग व्यक्तित्वों जिनमें प्रेस काउंसिल के चेयरमैन जस्टिस मार्कंडेय काटजू भी शामिल हैं के द्वारा यह माँग की गयी है कि धारा १६१ के तहत अपने विशेषाधिकारों का इस्तेमाल के महाराष्ट्र के राज्यपाल संजय दत्त की सजा माफ कर दें...

अपनी समझ में यह नहीं आता कि यह माँग क्यों उठ रही है... संजय दत्त दोषी हैं कि नहीं ?... क्यों एक इतना बड़ा राजनीतिक-सामाजिक-बुद्धिजीवी वर्ग उन्हें दोषी की बजाय हालात का मारा बना पेश कर रहा है.... यह इतना हंगामा-शोर आखिर क्यों भाई... क्यों रील लाइफ को रियल लाइफ से मिक्स किया जा रहा है...


आपको कुछ समझ में आता है क्या ?
बताइये जरा...




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