शुक्रवार, 14 सितंबर 2012

ब्लॉगवुड के नारीवादी इस तरह के दोहरे मानक (Double Standards) क्यों रखते हैं ?

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उनका नाम यहाँ पर लेना मैं उचित या आवश्यक नहीं समझता, सिर्फ इतना बताना चाहता हूँ कि वह ब्लॉगवुड के ही किरदारों में से एक हैं, प्रात: स्मरणीय, स्टेनलेस स्टील से बना और टेफ्लॉन कोटेड भी, आजकल वह भारतमाता का भेष धारण किये है...

यहाँ बात उनके लिखे की हो रही है...

एक जगह उन्होंने लिखा...

पति को, देवर को, सास को मार गयी... 
कौन से नक्षत्र ले आई थी धरा पे तुम... 
कालसर्प योग कब जायेगा भारत का ?

पोस्ट आई दस सितम्बर को... मैंने इंतजार किया कि ब्लॉगवुड में नारीवाद, नारी सशक्तिकरण व नारी सम्मान के पुरोधाओं में कोई तो आपत्ति या विरोध करेगा एक नारी के ही खिलाफ सरासर अपमानजनक व अनर्गल इस प्रलाप का... पर देखता हूँ कि ऐसा होना तो दूर, पाँच स्त्री बलॉगर वहाँ तारीफ के पुलिंदे बाँध रही हैं...

मेरा सीधा सा सवाल है यहाँ पर...



ब्लॉगवुड के नारीवादी इस तरह के दोहरे मानक (Double Standards) क्यों रखते हैं ?







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