शुक्रवार, 18 नवंबर 2011

देश के हित में है उत्तर प्रदेश के चार हिस्से होना ! आप क्या कहते हैं ?

.
.
.

 यद्मपि हर कोई अपनी अपनी समझ व सुविधा से उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी के उत्तर प्रदेश का विभाजन कर उसके चार प्रदेश बनाने के प्रस्ताव के निहितार्थ तलाश-निकाल रहा है... फिर भी यह निश्वित रूप से एक दूरगामी व सकारात्मक सोच के साथ लिया गया फैसला है...


क्या यह सही नहीं है कि किसी भी प्रशासनिक इकाई का आकार थोड़ा छोटा ही होना चाहिये, जिससे कि सभी पर नियंत्रण व सभी का ख्याल रखा जा सके... चार अलग अलग प्रदेश होने से वहाँ का राजनीतिक नेतृत्व भी स्थानीय ही होगा जो स्थानीय समस्याओं, आकाँक्षाओं व जरूरतों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होगा... विकास की बयार पूरे के पूरे इलाके में एक ही रफ्तार से बहेगी... असमान विकास काफी हद तक रूक पायेगा... कुछ नये शहर, नई राजधानियाँ, नये संस्थान वजूद में आयेंगे... फायदे देखा जाये तो अनेकों हैं... और नुकसान एक भी नहीं...

आज का अपना सवाल है :-


"उत्तर प्रदेश का प्रस्तावित विभाजन निश्चित रूप से एक दूरगामी व सकारात्मक सोच के साथ लिया गया फैसला है" 
आप इस पर क्या कहते हैं ?










...