शुक्रवार, 28 अक्तूबर 2011

क्या खिलाड़ियों के 'भारत रत्न' पर सचिन तेंदुलकर का 'पहला व सबसे बड़ा हक' बनता है ?

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इस समय जो नियम हैं उनके मुताबिक 'भारत रत्न' खेल में किये गये प्रदर्शन के आधार पर किसी भी खिलाड़ी को नहीं दिया जा सकता...

सचिन तेंदुलकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सैकड़ों के सैकड़े ( Century of Centuries) के बेहद करीब हैं ऐसे में बार बार उनको 'भारत रत्न' देने की माँग उठती है, उठेगी ...

हो सकता है कल नियम बदल दिया जाये और खिलाड़ियों को भी 'भारत रत्न' मिल सके...

ऐसे में मेरा सवाल है ...


क्या खिलाड़ियों के भारत रत्न पर मेजर ध्यानचंद, विश्वनाथन आनंद, कपिल देव व अन्य कईयों का हक सचिन से बढ़कर नहीं है, या सचिन का ही सबसे पहला और सबसे बढ़कर हक बनता है ?





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9 टिप्‍पणियां:

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

खिलाड़ियों को यदि मिलता है तो मेरा वोट...सचिन को।

shilpa mehta ने कहा…

present brilliance always overshadows past achievements - just as even small things near us look much larger than much bigger things far away :)

not that i am saying sachin's achievement is any the smaller - :)

चंदन कुमार मिश्र ने कहा…

पहले तो सचिन को बिलकुल नहीं मिलना चाहिए…नहीं, नहीं और नहीं…

Dineshrai Dwivedi ने कहा…

बेकार सवाल है। शोषक निजाम जिन पुरस्कारों को जनता का दिल जीतने के लिए घोषित करता है उन की चमक उन के इस्तेमाल के कारण लगातार फीकी होती जाती है। उन्हें फिर नए पुरस्कार आरंभ करने होते हैं।

अनूप शुक्ल ने कहा…

आपकी बात से सहमत ! :)

रचना ने कहा…

why do we need a debate on this issue
there are rules for the same and which ever is the best will get it

sachin has is own value and his own followers and i think biggest fan list would be sachins in the above category

all others are as well deserving but my vote is for sachin

चंदन कुमार मिश्र ने कहा…

हा हा हा

Mired Mirage ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Mired Mirage ने कहा…

हम्म! मैं पुरानी पोस्ट की* ओर जा रही हूँ.
घुघूतीबासूती