रविवार, 16 अक्तूबर 2011

हमारी यह जेलें वाकई ' सुधार ग्रह ' हैं या हैं ' बीमारी का अड्डा ' ???

.
.
.


बड़ा ही विचित्र संयोग सा है यह...इधर आडवाणी जी का भ्रष्टाचार से मुक्ति हेतु रथ निकाला और उधर लोकायुक्त कोर्ट ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा की जमीन घोटाले में गिरफ्तारी का आदेश दे दिया... बहरहाल आज येदियुरप्पा अस्पताल पहुंच गये...




पहले भी आपने देखा ही होगा कि हमारे नेता, अभिनेता, नौकरशाह, उद्योगपति तथा 'प्रभु वर्ग' के अन्य लोग भी अव्वल तो कभी जेल भेजे ही नहीं जाते...और यदि खुदा-ना-खास्ता भेज भी दिये गये तो जाने के अगले दिन ही इतने बीमार हो जाते हैं कि अस्पताल भर्ती कराने की नौबत आ जाती है...


अपना आज का सवाल यही है...


हमारी यह जेलें वाकई ' सुधार ग्रह हैं ' या हैं बीमारी का अड्डा ( जहाँ जाते ही ' प्रभु वर्ग ' को हर अगली-पिछली और नई भी, बीमारियाँ घेर लेती हैं ) ?



...

1 टिप्पणी:

चंदन कुमार मिश्र ने कहा…

अगर आप इस देश में रहते हैं तो यह सवाल बेकार नहीं है?