शुक्रवार, 28 अक्तूबर 2011

क्या खिलाड़ियों के 'भारत रत्न' पर सचिन तेंदुलकर का 'पहला व सबसे बड़ा हक' बनता है ?

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इस समय जो नियम हैं उनके मुताबिक 'भारत रत्न' खेल में किये गये प्रदर्शन के आधार पर किसी भी खिलाड़ी को नहीं दिया जा सकता...

सचिन तेंदुलकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सैकड़ों के सैकड़े ( Century of Centuries) के बेहद करीब हैं ऐसे में बार बार उनको 'भारत रत्न' देने की माँग उठती है, उठेगी ...

हो सकता है कल नियम बदल दिया जाये और खिलाड़ियों को भी 'भारत रत्न' मिल सके...

ऐसे में मेरा सवाल है ...


क्या खिलाड़ियों के भारत रत्न पर मेजर ध्यानचंद, विश्वनाथन आनंद, कपिल देव व अन्य कईयों का हक सचिन से बढ़कर नहीं है, या सचिन का ही सबसे पहला और सबसे बढ़कर हक बनता है ?





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रविवार, 23 अक्तूबर 2011

मुझे अच्छा लगा यह ' हारम ', आपको क्या लगता है ?

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मेरी पोस्ट बड़ी मुश्किल है भाई, कोई और जुगाड़ जानते हो क्या आप ?  पर प्रिय चंदन कुमार मिश्र ने अपने कमेंट में इसका लिंक दिया था... 





यह अच्छा संकलक है...


सारी नई ब्लॉग पोस्टें आप देख सकते हो यहाँ  ...


जगह जगह हो रही विभिन्न टिप्पणियाँ भी यह दिखाता है यहाँ ...


आप यह भी देख सकते हैं कि पिछले चौबीस घंटे में किसने कितना टिपियाया या कितनी पोस्टें की...


सीधा सरल इन्टरफेस भी है इसका...

कुल मिलाकर मुझे तो बहुत जमा यह ' हार ' ...







आपको क्या लगता है ?




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सोमवार, 17 अक्तूबर 2011

अब अचानक यह 'मौनव्रत' क्यों ले बैठे हैं अन्ना ?

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यह मेरे लिये एकदम नई जानकारी है कि स्वास्थ्य लाभ के लिये सामान्य बातचीत भी बंद कर मौन व्रत लेने से स्वास्थ्य लाभ होता है...


बहरहाल जो भी हो अपने अन्ना आजकल अनिश्चितकालीन मौन व्रत पर हैं स्वास्थ्य लाभ के लिये... इसके लिये बाकायदा एक कुटिया भी बनाई गई है ( जैसा टी०वी० वालों ने दिखाया )...


अपना आज का सवाल है...





क्या अन्ना के इस अनिश्चितकालीन मौन व्रत का कोई संबंध है ?


* प्रशांत भूषण के हालिया विवादास्पद कश्मीर संबंधी बयानों से...
** राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ अन्ना के संबंधों को लेकर लगातार असहज करते सवालों व उद्घाटनों से...
*** भाजपा के कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा की जमीन घोटाले में भ्रष्टाचार के आरोप में हुई गिरफ्तारी से...




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रविवार, 16 अक्तूबर 2011

हमारी यह जेलें वाकई ' सुधार ग्रह ' हैं या हैं ' बीमारी का अड्डा ' ???

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बड़ा ही विचित्र संयोग सा है यह...इधर आडवाणी जी का भ्रष्टाचार से मुक्ति हेतु रथ निकाला और उधर लोकायुक्त कोर्ट ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा की जमीन घोटाले में गिरफ्तारी का आदेश दे दिया... बहरहाल आज येदियुरप्पा अस्पताल पहुंच गये...




पहले भी आपने देखा ही होगा कि हमारे नेता, अभिनेता, नौकरशाह, उद्योगपति तथा 'प्रभु वर्ग' के अन्य लोग भी अव्वल तो कभी जेल भेजे ही नहीं जाते...और यदि खुदा-ना-खास्ता भेज भी दिये गये तो जाने के अगले दिन ही इतने बीमार हो जाते हैं कि अस्पताल भर्ती कराने की नौबत आ जाती है...


अपना आज का सवाल यही है...


हमारी यह जेलें वाकई ' सुधार ग्रह हैं ' या हैं बीमारी का अड्डा ( जहाँ जाते ही ' प्रभु वर्ग ' को हर अगली-पिछली और नई भी, बीमारियाँ घेर लेती हैं ) ?



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शुक्रवार, 14 अक्तूबर 2011

इस 'जनमत संग्रह' का नतीजा क्या आयेगा ? अंदाजा लगायेंगे क्या ' नागरिक-समाज-प्रतिनिधि (???) ' प्रशांत भूषण जी...



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टीम अन्ना के सदस्य और भारत महादेश के 'नागरिक-समाज' के जबरिया थोपे गये पाँच प्रतिनिधियों में से एक सुप्रीम कोर्ट के वकील श्री प्रशांत भूषण जी ने 25 सितंबर को वाराणसी में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में कश्मीर के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में फरमाया...

जम्मू-कश्मीर को बल के ज़रिए देश में रखना हमारे लिए घातक होगा...देश की सारी जनता के लिए घातक होगा...सिर्फ वहां की जनता के लिए नहीं पूरे देश की जनता के हित में नहीं होगा...मेरी राय ये है कि हालात वहां नार्मलाइज़ करने चाहिए...आर्मी को वहां से हटा लेना चाहिए...आर्म्ड फोर्सेज़ स्पेशल पावर एक्ट को खत्म करना चाहिए...और कोशिश ये करनी चाहिए कि वहां की जनता हमारे साथ आए...अगर उसके बाद भी वो हमारे साथ नहीं है...अगर वहां की जनता फिर भी यही कहती है कि वो अलग होना चाहते हैं...मेरी राय ये है कि वहां जनमत संग्रह करा के उन्हें अलग होने देना चाहिए...

यह कहते हुए प्रशांत भूषण साहब  देश हित को एकदम दरकिनार करते हुऐ बहुत ही सुविधाजनक रूप से यह भूल गये कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यह बयान एक व्यक्ति का नहीं, भारत के पूरे नागरिक समाज की राय मानी जायेगी...


बयान पढ़-सुन खून तो अपना भी बहुत खौला... कश्मीर के बारे में मैं क्या सोचता हूँ इस पर कई बार लिखा है मैंने , सामने प्रशांत भूषण होते तो मैं क्या कर बैठता, खुद मुझे पता नहीं... फिर भी किसी भी प्रकार की हिंसा का विरोध करते हुऐ भी मेरा सवाल है कि...


 भगत सिंह क्रान्ति सेना के उन युवकों ने प्रशांत भूषण जी के साथ जो कुछ किया वह सही था या गलत, इस पर जनमत संग्रह हो तो नतीजा क्या आयेगा ? अंदाजा लगायेंगे आप ?



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मंगलवार, 11 अक्तूबर 2011

बड़ी मुश्किल है भाई, कोई और जुगाड़ जानते हो क्या आप ?

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पहले 'ब्लॉगवाणी' बंद हुआ, फिर 'चिठ्ठाजगत' रूठ गया... 'अपना ब्लॉग' ने भी मुँह फेर लिया और आज 'हमारी वाणी' का अकाउंट भी सस्पेन्ड दिख रहा है...

ले दे कर मेरे पास अब ' हिन्दी ब्लॉग जगत ' ही बचा है कुछ चुनिंदा ब्लॉगों तक पहुँचाने के लिये... बड़ी मुश्किल है भाई...



इसी पर अपना आज का सवाल है :-


कोई और जुगाड़ जानते हो क्या आप ? ढेर सारे उन हिन्दी ब्लॉगों तक पहुंचने का जहाँ कुछ घटित हो रहा हो, यदि हाँ, तो बताइये न सभी को !


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