गुरुवार, 2 जून 2011

अब तो मान ही जाईये न बाबा, कुछ ऐसी ही गुजारिश करती सरकार...

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एक अभूतपूर्व घटनाक्रम में केंद्र सरकार के चार कैबिनेट मिनिस्टर प्रणव मुखर्जी, कपिल सिब्बल, पवन कुमार बंसल, सुबोध कांत सहाय तथा कैबिनेट सचिव के एम चंद्रशेखर उज्जैन से दिल्ली आ रहे बाबा रामदेव जी को एयरपोर्ट पर रिसीव करने गये (देखें यहाँ)... 

कुल ढाई घंटे तक बातें भी हुई... जाहिर है कि सरकार योगॠषि को चार जून के प्रस्तावित अनशन को न करने के लिये मनाने का हरसंभव प्रयास कर रही है... 


आज का सवाल इसी पर है...


कईयों को लगता है कि सरकार कुछ भी कर ले, कितनी ही गंभीरता दिखाये, बाबा मानेंगे नहीं क्योंकि उन्हें ठोस कार्य के बजाय खबरों में बने रहना ज्यादा रूचिकर लगता है...


आप ही बताइये...




क्या मान जायेंगे योगऋषि बाबा रामदेव ?










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6 टिप्‍पणियां:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

मानने के लिए ही तो अनशन करने जा रहे हैं। मानने के लक्षण भी उन्हों ने पहले ही प्रकट कर दिए हैं। प्रधानमंत्री को कानून से बाहर रखने की बात कह कर। लेकिन ऐसे कैसे मान जाएँ? ऐसे तो ब्याह के वक्त बहने भी दरवाजे से नहीं हटतीं। कुछ बात तो बने। कुछ राजनीति परवान तो चढ़े। एक और मायावती के लिए तैयार हो जाइए।

ajit gupta ने कहा…

कुछ लोग भ्रष्‍टाचार और वर्तमान शासन में ही अपनी उन्‍नति के मार्ग तलाशते हैं इस कारण किसी भी व्‍यक्ति द्वारा किया जाने वाला सद्प्रयास बेकार और स्‍वार्थयुक्‍त ही लगता है। लेकिन जो इस देश को सभ्‍य देश बनाने की कल्‍पना करते हैं वे उन सभी आंदोलनों का स्‍वागत करते हैं और उनके परिणाम के बारे में भी आशावान रहते हैं।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

Dwivedi ji na badi khari baat kah dee hai.
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प्यार की परिभाषा!
ब्लॉग समीक्षा का 17वां एपीसोड--

डा० अमर कुमार ने कहा…

दिनेश राय द्विवेदी जी की टिप्पणी को मेरा बिना शर्त समर्थन है :-)

Sachin Malhotra ने कहा…

मान ही जायेंगे, आज नहीं तो कल मान ही जायेंगे और फिर सबको लगेगा कि जैसे चमत्कार हो गया, लेकिन चमत्कार के पीछे की असली वजह न किसी को पता चलेगी और ना ही कुछ फायदा किसी को होगा, लेकिन चमत्कारी बाबा तो अपना फायदा कमा ही चुके होंगे न !

मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है : Blind Devotion - अज्ञान

Mrs Arun ने कहा…

logon ke to hero ban gayai hai,suchmuch kuchh karein to aaur achhaa.