मंगलवार, 31 मई 2011

कोई तो बताओ कि आखिर कब आयेगा यह वापिस यार !!!

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किसी भी हिन्दी ब्लॉगर के लिये वह दौर बहुत ही सुविधाजनक था... दो बड़े अच्छे संकलक चलते थे... दोनों में लगभग सभी हिन्दी के ब्लॉग शामिल भी थे...एक संकेत सभी को मिल जाता था कि जनता आज कहाँ बहसिया रही है, कहाँ मामला गर्म है, कहाँ कुछ बहुत ही बेहतरीन परोसा गया है, आदि आदि... 


अब उन दोनों में से ब्लॉगवाणी को तो उसके संचालकों ने बंद कर दिया... परंतु चिठ्ठाजगत का मामला कुछ अलग सा है... वैसे तो यह आज भी लिस्ट जैसी एक फीड दिखा रहा है, पर ब्लॉगवुड के ही कुछ ब्लॉगों से यह पता चला था कि यह अभी लैब में है और शीघ्र ही वापस आयेगा...


१६००० से भी ज्यादा हिन्दी ब्लॉगों को अपने में समेटे सर्वप्रिय और निर्विवाद इस संकलक के वापस आने का मुझे बेसब्री से इंतजार है... 


पर...




कोई मुझे यह तो बता दो कि आखिर कब आयेगा यह वापिस यार ?










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3 टिप्‍पणियां:

ajit gupta ने कहा…

इंतिहा होगयी इंतजार की। सच अब तो सब्र टूटता जा रहा है। हम मुठ्ठी भर लोगों को ही पढ़ पा रहे हैं। न जाने कितना अच्‍छा लिखा जा रहा है लेकिन हमारी नजरों से वह सब दूर है। टाइपड होते जा रहे हैं हम सब। कितने फोलोवर बनाए आखिर?

kunwarji's ने कहा…

इंतज़ार ही कर सकते है हमारे जैसे अक्षम जन तो बस!पर जो सक्षम है उन्हें जरुर कुछ न कुछ कदम उठाने चाहिए इस दिशा में...

कुँवर जी,

डा० अमर कुमार ने कहा…

मैं आपकी बात से सहमत हूँ, शाह जी ।
कभी कभी यह कमी बड़ा निराश करती है, निजी फ़ीड-रीडर की आपनी सीमायें हैं.... भटक भटका कर ही कोई अच्छी पोस्ट या कोई निराला ब्लॉग हाथ लग पाता है ।