शुक्रवार, 6 मई 2011

क्या सचमुच में इतने ज्यादा स्याह काले हैं हम हिन्दुस्तानी...

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सुबह आस्था चैनल पर अक्सर योगऋषि स्वामी रामदेव जी को भ्रष्टाचार के विरूद्ध संघर्ष का आह्वान करते सुनता हूँ...

अक्सर वे कहा करते हैं कि हमारे देश का चार सौ लाख करोड़ रूपये के बराबर काला धन विदेशी बैंकों में जमा है...

वित्तीय वर्ष २०१० के दौरान हमारे देश का सकल घरेलू उत्पादन ( Gross Domestic Product ) था बासठ लाख इकतीस हजार करोड़... ( यहाँ देखें ) 

इसका अर्थ है कि हमारे देश का विदेशों में जमा काला धन हमारे आज के GDP का सात गुना है, यदि मुद्रास्फीति को भी गणना में लेकर एडजस्ट किया जाये तो नतीजा निकलेगा कि हमारे देश के तकरीबन पंद्रह साल के सकल घरेलू उत्पाद के बराबर हमारा कालाधन विदेशों में जमा है...

यह ध्यान रखते हुऐ कि हमें आजाद हुऐ अभी मात्र तिरेसठ ही साल हुऐ हैं क्या आपको चार सौ लाख करोड़ रूपये के कालेधन का यह आंकड़ा INFLATED नहीं लगता है ?

सही आंकड़ा कहाँ से मिल सकता है ?



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2 टिप्‍पणियां:

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

सही आंकड़ा तो ‘काला धंधा गोरे लोग‘ का प्रोडयूसर ही बता सकता है जी।

कल लखनऊ में शिक्षा को बढ़ावा देने के मक़सद से एक सम्मेलन हो रहा है, जिसमें सलीम भाई बुला रहे हैं और हम जा रहे हैं। हम ही नहीं बल्कि हमारे चार-छः ब्लॉगर साथी और भी चल रहे हैं।
आप सब भी आमंत्रित हैं।
आइयेगा, अगर आ सकें तो।

http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/05/7.html

kunwarji's ने कहा…

विचारणीय लेख...

चौंकाने वाले तथ्य प्रस्तुत किये आपने..

कुँवार जी,