बुधवार, 4 मई 2011

अमेरिकन स्क्रिप्ट, पाकिस्तानी संगीत, चालीस हीरो, एक विलेन, जोरदार प्रमोशन... क्या होगा बॉक्स आफिस पर

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एक कहानी सुना रहा है दुनिया का सबसे ताकतवर मुल्क :-

चार हैलीकॉप्टर उड़े अफगानिस्तान से, ४० अमेरिकी SEAL कमाँडोज को साथ लिये हुऐ, यह उतरे एबटाबाद कैन्टोनमेंट में पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी से महज कुछ सौ गज दूर एक ' फोर्टिफाईड कॉम्प्लेक्स ' में, चालीस मिनट की ' गन फाइट ' हुई, ओसामा मारा गया, तकनीकी खराबी आने के कारण एक हैलीकॉप्टर को टीम ने वहीं नष्ट कर दिया, ओसामा की लाश साथ ले हैलीकॉप्टर जब उड़ कर पाकिस्तान की हवाई सीमा से बाहर चले गये... तब अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को बताया गया !

पाकिस्तानी तंत्र भी इस कहानी में सुर से सुर मिला रहा है !!

आप बताइये कि क्या बाकी दुनिया को इस कहानी पर यकीन आयेगा ?

यह फिल्म बॉक्स आफिस पर चल सकती है क्या ??








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7 टिप्‍पणियां:

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

ओसामा कैसे मरा ?, एक कल्पना
प्रिय प्रवीण जी ! सच क्या है ?
इस बारे में मीडिया तो हमारी कोई मदद करेगा नहीं क्योंकि वह झूठ बोलने वालों के हाथों में जो है। हमने उर्दू में एक लंबा धारावाहिक नॉवेल अब से 24 साल पहले पढ़ा था, उसका नाम था ‘देवता‘ और उसे लिखा था ‘मुहयुद्दीन नवाब‘ ने। यह लेखक भी पाकिस्तान के ही हैं। एक नॉवेल में 250 से लेकर 350 पृष्ठ होते थे और उसकी हमने 21 क़िस्तें तो पढ़ी हैं। उसमें इंटरनेशनल पॉलिटिक्स को अच्छी तरह समझाया गया है। उसके आधार पर अगर हम ‘ओसामा एनकाउंटर‘ को एक्सप्लेन करने की कोशिश करें तो वह कुछ यूं होगा कि
‘अमेरिका ने ओसामा को अफ़ग़ानिस्तान से बिल्कुल शुरूआती दौर में ही पकड़ लिया था। उसके गुर्दे फ़ेल थे। अपने बेटे की तरह वह भी समझ चुका था कि हथियार किसी समस्या का हल नहीं है। उसकी हथियार क्रांति का लाभ भी अमेरिका और यूरोप की हथियार बेचने वाली कंपनियों को ही मिल रहा था, मुस्लिम मुल्कों को नहीं। अमेरिका नहीं चाहता था कि ओसामा के आतंक को तिल से ताड़ बनाने में जो मेहनत उसने की है, उस पर ओसामा बिल्कुल पानी ही फेर दे और फ़िल्म ‘दादा‘ का सा कोई सीन क्रिएट हो। उसने ओसामा के लिए एक रिहाइश बनवाई और उसकी दीवारें इतनी ऊंची बनवा दीं कि कोई अंदर से बाहर जा न सके। यह कोठी ही उसके लिए जेल थी। उसके बीवी बच्चे उसके साथ थे और उन सब पर कमांडो तैनात थे। इसी कमरे में ओसामा के वीडियो अमेरिका शूट करता था और वही इन्हें सारी दुनिया में फैलाता था। इस तरह अमेरिका ही अलक़ायदा के नाम से दुनिया में आतंक फैला रहा था और ओसामा अपनी बीवी और बेटियों की इज़्ज़त की ख़ातिर अमेरिका की वीडियो फ़िल्मों में ‘एक्टिंग‘ कर रहा था। यहां तक कि डॉक्टरों ने बता दिया कि अब ओसामा केवल कुछ घंटों का ही मेहमान है।
आनन फ़ानन अमेरिकी सद्र को इत्तिला दी गई और उन्होंने ओसामा की मौत के परवाने पर हस्ताक्षर कर दिए। वहां से ओसामा पर तैनात कमांडोज़ को हुक्म दिया गया कि ‘किल हिम‘।
कमांडोज़ ने मृत्यु शय्या पर लेटे ओसामा के सिर में गोली मार दी और फिर बाद में आने वाले विशेषज्ञों ने उसका मेकअप करके मुठभेड़ में मरा हुआ सा रूप भी बना दिया। उसके फ़ोटो खींचे गए जैसे कि चांद पर जाने की झूठी फ़ोटोग्राफ़ी की गई थी। मुठभेड़ फ़र्ज़ी न लगे, इसके लिए दो-तीन और लोग भी मार दिए गए। जिस हैलीकॉप्टर में यह सब सामान ले जाया गया था, उसे सुबूत नष्ट करने के उद्देश्य से नष्ट कर दिया गया ताकि बाद में भी कोई खोजी सच का पता न लगा सके। तकनीकी ख़राबी आने के कारण क़ीमती हैलीकॉप्टर नष्ट करने का रिवाज कहीं भी नहीं है, हर जगह उसकी मरम्मत ही कराई जाती है।
ओसामा ज़िंदा भी अमेरिका के काम आया और उसकी मौत को भी अमेरिका ने भुना लिया है। यह है ‘अमेरिका का इंसाफ़‘, जिसे हरेक बुद्धिजीवी देख भी रहा है और समझ भी रहा है। जो भी एशिया के किसी भी क्षेत्र की मुक्ति के लिए पश्चिमी शक्तियों से लड़ा, उसके साथ उन्होंने यही किया है। ओसामा के मामले में दुनिया खुशनसीब है कि उसे पता चल गया कि वह अब नहीं रहा लेकिन सुभाषचंद्र बोस के बारे में हम इतना भी नहीं जान पाए। पाकिस्तानी हुक्मरां शुरू से ही उसके साथ हैं, जैसे कि हमारे हुक्मरां भी आजकल उसके ही साथ हैं। जो उसके साथ नहीं है, उस पर वह बम बरसा ही रहा है। बड़ा मुश्किल ज़माना है कि लोगों ने समझदारी यह समझ रखी है कि अपने होंठ सी लिए जाएं।
इंटरनेशनल पॉलिटिक्स के बारे में हम यही कह सकते हैं कि ‘जो दिखता है वह हमेशा सच नहीं होता।‘

ओसामा कैसे मरा ?, एक कल्पना The Imagination

ajit gupta ने कहा…

यह फिल्‍म तो दो दिन से हिट चल रही है। और ना जाने कितनी कहानियां बनेगी अभी, कोई इस पक्ष में कोई उस पक्ष में।

anshumala ने कहा…

आज सुबह ही बिलकुल यही बात अपने पति देव से कर रही थी जो कहानी अमेरिका बता रहा है वैसी कम से कम दर्जन भर हॉलीवुड फिल्म देख चुके है जहा अमेरिकी सैनिक किसी भी देश में बिलकुल ऐसे ही अचानक घुस जाते है कुछ ही मिनटों में अपना आपरेशन कर निकल जाते है तब उस देश को पता चलता है | वैसे पाकिस्तान की सुस्ती और उसके देश में कई बार अमेरिका द्वारा ड्रोन हमला करने के बाद उनकी प्रतिक्रिया देख कर हम ये कह सकते है की ये कहानी सच भी हो सकती है |

एम सिंह ने कहा…

आपकी कल्पना का जवाब नहीं सर. लगे हाथों तालिबान की प्रतिक्रियाओं पर भी कुछ कल्पनाएं रच देते तो अच्छा होता. तालिबान ने कहा है कि वे ओसामा की मौत का बदला लेंगे.
सवाल एक- तालिबान एकाएक क्यों तिलमिला उठा? क्या वह भी अमेरिकी स्क्रिप्ट का हिस्सा बन चुका है. अगर तालिबान जानता था कि ओसामा बिन लादेन अमेरिका के कब्जे में है तो इस बात का कभी खुलासा नहीं किया, क्यों?
सवाल दो- अमेरिका ने क्लाईमेक्स के लिए पाकिस्तान को ही क्यों चुना?
सवाल तीन- विकीलीक्स ने जो सूचनाएं जारी की हैं, उसके अनुसार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां हर बार लादेन को अमेरिकी एक्शन के बारे में अलर्ट कर देती थीं. क्या ये सूचनाएं गलत हैं? क्या विकीलीक्स भी अमेरिकी स्क्रिप्ट का एक हिस्सा ही है.

आशीष श्रीवास्तव ने कहा…

एम सिंह द्वारा उठाये सवाल जायज है!

मिंया अनवर आपकी इस कहानी से काफी उत्साहित नजर आ रहे है!

suryabhan ने कहा…

मेरी यह पोस्ट उन तमाम लोगो के लिए है जिनको बात बात में कब्ज की शिकायत हो जाती है (डाक्टरों का मानना है की कब्ज तनाव की वजह से भी होता है ) अब ब्लाहिंग करना और तनाव का होना एक दुसरे से सम्बंधित है. पोस्ट डाल दी लेकिन एकु कमेंटवा नाही दिख रहा. नतीजा तनाव. लोग मेरी पोस्ट को पढ़ नही रहे. नतीजा तनाव. रात में दो बजे उठकर देखा की सूर्यभान ने पोस्ट लिख दी. तनाव हुई गवा. लोग मेरी इज्जत नही कर रहे सम्मान नही कर रहे बड़ा ब्लॉगर नही मान रहे. फिर तनाव अब क्या होगा? होगा क्या कब्ज हो जाएगा और क्या? तो साहिबान ऐसे लोगो के लिए एक शफाखाना खुल गया है. इस शफेखाने में जाने के बाद आपकी कब्जियत दूर की जायेगी. गारटेड इलाज. चैलेन्ज . गलत साबित करने वाले को एक लाख रूपये का नकद ईनाम. इस पोस्ट की कटिंग लाने वाले को ९०० रूपये की छूट दी जायेगी. लेकिन सावधान नक्कालों से इस नाम से मिलते जुलते लोगो के यहाँ जाकर मरीजों ने शिकायत की है. डॉ जानवर शौचाल खानदानी एक मात्र असली सबसे बड़े वाले डाक्टर साहब है हालांकि शौचक्रिया होनोलूलू रिटर्न . तो आज ही अपनी बुकिंग कराइए.

Dr. Ayaz Ahmad ने कहा…

विचारणीय पोस्ट