सोमवार, 2 मई 2011

ऐ जी ! ओ जी ! टू जी पर कुछ न कर पायी पीऐसी, अब क्या करेगी जेपीसी ? वैल, लेट्स सी...

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पीऐसी ( लोक लेखा समिति ) की टू जी रिपोर्ट पर क्या हुआ, आप सबने देखा... यह सभी समितियाँ दलीय आधार पर गठित होती हैं और हर दल के सदस्यों की हरसंभव कोशिश होती है कि उनके दल के राजनीतिक हितों पर कोई आँच न आये... कुल मिलाकर लब्बोलुबाब यह कि अपने दल के लिये Political Brownie Points अर्जित  करने पर विशेष ध्यान रहता है सभी का... ऐसी स्थिति में अक्सर ...  'Truth' is the first casualty !

अब जेपीसी ( संयुक्त संसदीय समिति ) मामले की जाँच करेगी... 

इस सारी कवायद का क्या नतीजा निकलेगा ?

अंदाजा लगाना चाहेंगे आप ?






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4 टिप्‍पणियां:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

जो करना है वो तो अंततः जनता को ही करना है। वह करे तब तक ये सब तो होना है, होने दीजिए। कुछ मुखौटे तो उतरेंगे।

ajit gupta ने कहा…

जनता जब तक जागरूक नहीं होगी इस देश में ऐसी ही लूटमार मची रहेगी।

अजय कुमार झा ने कहा…

इनका घडा अब भर रहा है धीरे धीरे देखिए कंकड से फ़ूटता है कि पत्थर से या जनता खुद ही पहाड तोडेगी इनकी छाती पर ..बस देखते जाईये

Vivek Jain ने कहा…

मेरा तो मानना है कि प्रजातंत्र में "यथा प्रजा तथा राजा"
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com