मंगलवार, 19 अप्रैल 2011

असहज करता सवाल : यज्ञ, आहुतियाँ, मंत्र जाप व यज्ञ फल...

हमारे प्राचीन सनातन धर्मग्रंथों में अनेक जगह इस बात का वर्णन है कि किसी मानव ने कोई यज्ञ किया व उसके परिणाम स्वरूप यज्ञ फल के रूप में यज्ञकुन्ड से कोई अचूक अस्त्र, योग्य मानव, सुन्दर स्त्री आदि आदि प्रकट हुऐ...

क्या आप इस बात को मानते हैं कि आज कोई सुपात्र यदि पूरे विधिविधान से मंत्रोच्चारण करते हुऐ यज्ञकुन्ड में आहुतियाँ देते हुऐ यज्ञ करे तो उस यज्ञ के परिणामस्वरूप हमारे देश को कोई अचूक ब्रह्मास्त्र मिल सकता है... या फिर हमें यह तकनीकें महंगे दामों में अन्य देशों से ही खरीदनी पड़ेंगी ?






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