शुक्रवार, 29 अप्रैल 2011

पोल खोलू सवाल : कहाँ गया है बाकी का माल ? कुछ अंदाजा तो लगाईये भाई...

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2G घोटाला किया गया इसमें संदेह नहीं, जनता और सरकार को चूना लगाकर चंद पूंजिपतियों के स्वामित्व वाली गिनी चुनी टेलीकॉम कंपनियों को बेशकीमती स्पैक्ट्रम एक अपारदर्शी प्रक्रिया द्वारा कौड़ियों के मोल अलॉट कर दिया गया, यह आप सभी जानते हैं...

विभिन्न नियंत्रक व जाँच एजेंसियों ने इस घोटाले द्वारा देश को हुऐ नुकसान का आकलन सैंतीस हजार करोड़ रूपये से लेकर एक लाख करोड़ रूपये से भी ज्यादा तक होने का लगाया है... अगर निचले आँकड़े को ही सही माना जाये तो भी दस्तूर के मुताबिक कमीशन के दस परसेंट बनते हैं तकरीबन साढ़े तीन हजार करोड़... जबकि हमारी प्रीमियर जाँच एजेंसी अभी तक महज दो-तीन सौ करोड़ की मनी ट्रेल ही पकड़ पाई है...



आज का पोल खोलू सवाल है...




कहाँ गया बाकी का माल ?





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2 टिप्‍पणियां:

योगेन्द्र पाल ने कहा…

जाहीर है हमारे चुने हुए प्रतिनिधियों की जेब में, वो भी कुछ इस तरह जैसे हम पर अहसान किया हो

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

ANDAR HO GAYA BHAAI.
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