गुरुवार, 21 अप्रैल 2011

हिन्दी ब्लॉगरों से सवाल : ऐसे में क्या करोगे आप ?

.
.
.

जिंदगी की चक्की में पिसने के कारण यदि आप के पास नेट के लिये समय बहुत ही सीमित हो तो आप क्या करना ज्यादा सही मानेंगे... अपने ब्लॉग पर पोस्ट लिखना अथवा दूसरों के ब्लॉग पढ़ कर टिप्पणियाँ देना ?



...

9 टिप्‍पणियां:

योगेन्द्र पाल ने कहा…

अपने ब्लॉग पर पोस्ट लिखना तथा दूसरों के ब्लॉग पढ़ना, टिप्पणी नहीं दूँगा|

Shah Nawaz ने कहा…

मेरे पास तो समय का बहुत अभाव रहता है... लेकिन जब भी मन में भाव उत्पन्न होते हैं, उन्हें संजो लेता हूँ... हालाँकि पिछले दिनों मन व्यथित था, इसलिए बहुत ही कम लिखा अपने ब्लॉग पर... परन्तु इससे एक अच्छी बात हुई, दूसरों को पढ़ा बहुत ज्यादा... जितना भी समय मिलता है, दूसरों के ब्लॉग पढने में लगाता हूँ... टिप्पणी केवल तभी करता हूँ जब मन को लगता है की इस पोस्ट पर टिपण्णी करनी चाहिए... अर्थात जब किसी पोस्ट को पढ़कर भाव मन में उत्पन्न होते हैं तो उसे टिप्पणियों के माध्यम से व्यक्त कर देता हूँ... लेकिन अक्सर समय की कमी के कारण टिप्पणिया नहीं भी कर पाता हूँ... परन्तु अच्छा पढने पर संतोष रहता है की इतने अच्छे विचार पढने को तो मिले...

आशीष श्रीवास्तव ने कहा…

दूसरों के ब्लॉग पढ़ना

सञ्जय झा ने कहा…

agar baat blog ke sandarbh me hi hai.....to, mere
vichar me jo wakai kisi bhi vishay par achhi pakar
rakhte hain.....aur likhne gi grahya shaili hai...to unneh jyada likhna chahiye......jo sikhna aur samjhna pasand karte hain.....unneh jyada padhna chahiye.......aur fir dono(likhne aur padhne) wale ko apne lekhen/pathan me....sudhar aur prasar ke liye paraspar tipna chahiye........

ye prashn yadi vyaktigat roop....uttarit karna ho to 'swantah: sukhay'.....jo khud ko shantushti de......athva, samoohik roop me.....
uttarit karna ho to 'sarve bhavantu'.....jo sabke liye hitkar ho.......kuch ati ho to atirikt mafi...

pranam.

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

जब जैसा मूड बन जाए।

---------
भगवान के अवतारों से बचिए...
जीवन के निचोड़ से बनते हैं फ़लसफे़।

रचना ने कहा…

blogging karna jarurii haen kyaa

डा० अमर कुमार ने कहा…

.
प्रथम प्राथमिकता = पोस्ट पढ़ना
द्वितीय यदि ब्लॉगर खुले दिमाग का है, तो उसकी पोस्ट पर टिप्पणी देना ।
तृतीय स्वयँ अपना पोस्ट लिखना !

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

समय कम हो तो सब से पहले यह जानना चाहूंगा कि आज दूसरों ने अपने ब्लाग पर क्या लिखा है, फिर उन में से चुनिंदा जरूर पढ़ना चाहूंगा। यदि मन किया तो टिप्पणी भी अवश्य करूंगा। ब्लाग पोस्ट तो बाद की बात है।

किलर झपाटा ने कहा…

मैं तो डॉ. जमाल की खोपड़ी पर तबला बजाना या फिर उस पर डिप्स लगाना बहुत पसंद करूँगा।